Friday, June 10, 2016

सपने सो रहे हैं ..

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हे बापू हम आये है यहाँ फिर एक बार तुम्हे वापस वतन ले जाने को निकलो अब इस मूरत से और चलो हमारे साथ आज हिसां की आग में लिपटा मेरा व...